Ghotoo ki Kavitaye

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Wednesday, February 16, 2011

मजा - मौसम का

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शीत लहर सर्दी में,लहर उठाती मन में घुस रजाई बिस्तर में,विंटर मनाते है जब गर्मी  बढती है ,प्यास बहुत लगती है चूम तेरे होठों को ,प्यास हम ब...
Friday, February 11, 2011

ऋतू संहार

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                ऋतू संहार कहा धरा ने ये सूरज से ,प्रिय सूरज जी बहुत सताते हो हमको ,तुम्हारी मरजी जब तुम होते दूर मुझे कुछ नहीं सुहाता सा...
Tuesday, February 8, 2011

एक कहानी -एक कविता - पारस पत्थर

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     (बाल कविता) श्रम से डरता एक किसान करता संतों का सन्मान धरम करम में था विश्वास गया एक साधू के पास साधू  बाबा का ध्यान सेवा करने ल...

शारदे माँ शारदे

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शारदे माँ शारदे मुझे ह्रदय का प्यार दे वर दे की बनू प्रग्य मै तू जिंदगी  संवार दे वीणा वादिनी ,सुर की दाता हंस वाहिनी बुद्धि प्रदाता म...
Sunday, February 6, 2011

तुम बोराये हो आम्र वृक्ष

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फूली सरसों ,फूले पलाश विकसे पुष्पों की मधु सुवास सब देख देख कर आस पास फागुन की मदमाती ऋतु में   तुम बोराये हो आम्र वृक्ष गेहूं की बाली ...
Saturday, February 5, 2011

एक कहानी -एक कविता

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एक  कहानी -एक  कविता ------------------------------- चला यात्री सूखा पत्ता एक अकेला मिला राह में उसे एक मिटटी का ढेला भले एक से दो कह नि...

एसा बसंत आये

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कली में महक हो , तरु पर चहक हो पवन की पलक पर सुमन की लहक हो सभी मुस्कराए सभी दिल मिलाएं हर डाल बिकसे नए पुष्प आये झडे पान पीले,तरुण ...
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Ghotoo
I am a Mechanical Engineer from BHU, passed out in 1963. Currently I run my own Industry in Noida
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