Ghotoo ki Kavitaye

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Wednesday, November 28, 2012

विश्वास

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                 विश्वास एक गाँव में सूखा था,थी हुई नहीं बरसात वरुण देव की पूजा करने ,आये मिल सब साथ एक बालक आया पूजन को ,रख कर छतरी पास ...
Tuesday, November 27, 2012

झपकियाँ

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         झपकियाँ आँख जब खुलती सवेरे मन ये कहता ,भाई मेरे एक झपकी और लेले ,एक झपकी और लेले आँख से लिपटी रहे निंदिया दीवानी सवेरे की झपक...
Monday, November 26, 2012

शादी

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          शादी जैसे पतझड़ के बाद ,बसंत ऋतू में ,फूलों का महकना जैसे प्रात की बेला में,पंछियों का कलरव, चहकना जैसे सर्दी की गुनगुनी धूप  मे...

तौलिया

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                तौलिया मै जो अगर तौलिया होता टपक रहा तेरा तन छूकर ,वो अमृत तो पिया होता लिपट चिपट कंचन काया से ,कितने ही पल जिया होता जि...

मंथरा

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            मंथरा जो लोग अपना भला बुरा नहीं समझते आँख मूँद कर, दूसरों की सलाह पर है चलते उन पर मुसीबत आती ही आती है बुद्धि भ्रष्ट करने ...

चन्दन सा बदन

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      चन्दन सा बदन पत्नी जी हो नाराज,तो उन्हें मनाना जैसे हो लोहे के चने  चबाना सीधी  सच्ची बात भी उलटी लगती है एसा लगता है,सब हमारी ही...
Sunday, November 25, 2012

बेचारी मधुमख्खी

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        बेचारी मधुमख्खी निखारना हो अपना  रूप  या दिल को करना हो मजबूत मोटापा घटाना  हो खांसी से निजात पाना हो चेहरा हो बहुत सुन्दर ,इस...
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Ghotoo
I am a Mechanical Engineer from BHU, passed out in 1963. Currently I run my own Industry in Noida
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