Ghotoo ki Kavitaye

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Monday, July 14, 2014

पुराना माल -तीन चतुष्पद

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           पुराना माल -तीन चतुष्पद                               १ पुराने माल है लेकिन,ढंग से रंग रोगन कर ,          किया 'मेन्टेन '...
Sunday, July 13, 2014

मृतसागर

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         मृतसागर आकुल,व्याकुल,कल कल करती ,कितनी नदियां ,मिलने आती छोड़ सभी खारापन अपना ,बादल  बनती  और उड़ जाती मैं चुपचाप,मौन बेचारा ,दिन दिन...

प्रियतम ,मैं आटा ,तुम पानी

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घोटू के पद प्रियतम ,मैं आटा ,तुम पानी पूरी,परांठा या जैसी भी,रोटी हमें बनानी बहुत जरूरी ,गुंथे ढंग से ,आटा मिल संग पानी और पलेथन ,लगे प्यार ...

अपनी अपनी दास्ताँ

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         अपनी अपनी  दास्ताँ हिन्दू कोई,कोई मुस्लिम बौद्ध कोई है ,कोई क्रिस्चन सिख है कोई,बहाई कोई ,               सबकी अलग आस्था है कोई इडली...

याद तुम्हारी

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               याद तुम्हारी ये चंदा और ये तारे ,और उसपे रात ये कातिल ये सबके सब ही काफी थे ,जलाने को हमारा दिल बड़ी खामोशी पसरी  थी दर्द देती...

नाम की कमाई

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               नाम की कमाई आदमी आम होता ख़ास है , जब उसके जीवन में, ख़ास कुछ ऐसा हो जाता ,नहीं जो आम  होता है ये इस पर है कि किसके संग,हुआ है ...

बरसात आई

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         बरसात आई आज बरसात आई है मुद्द्तों बाद आयी है मचलने लग गया है मन, लिए जज्बात आयी है हुआ मौसम बड़ा बेहतर भीग कर जाएँ हम हो तर  साथ बूं...
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Ghotoo
I am a Mechanical Engineer from BHU, passed out in 1963. Currently I run my own Industry in Noida
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