Ghotoo ki Kavitaye

http://blogsmanch.blogspot.com/" target="_blank"> (ब्लॉगों का संकलक)" width="160" border="0" height="60" src="http://i1084.photobucket.com/albums/j413/mayankaircel/02.jpg" />

Tuesday, January 6, 2015

प्यार का अंदाज

›
          प्यार का अंदाज हमारे प्यार करने पर ,गज़ब अंदाज है उनका,        दिखाती तो झिझक है पर,मज़ा उनको भी आता है कभी जब रूठ वो जाते,चाहते हम ...

सुलहनामा -बुढ़ापे में

›
                   सुलहनामा -बुढ़ापे में हमें मालूम है कि हम ,बड़े बदहाल,बेबस है,  नहीं कुछ दम बचा हम में ,नहीं कुछ जोश बाकी है , मगर हमको मोह...
Monday, January 5, 2015

रेखा

›
                  रेखा इधर उधर जो भटका करती ,रेखा वक्र हुआ करती है परिधि में जो बंध  कर रहती ,रेखा चक्र हुआ करती है कितने ही बिंदु मिलते है ...

सब्र की शिद्दत

›
                    सब्र की शिद्दत हमें है याद बचपन में ,बड़े बेसब्रे होते थे,                    नहीं जिद पूरी होती तो,बड़े बेचैन हो जाते जवा...
Saturday, January 3, 2015

हमें बस केक खानी है

›
        हमें बस केक खानी है हमारी अपने बचपन से  ,यही आदत पुरानी है बहाना कुछ भी लेकर के ,हमें खुशियां मनानी है है सर्दी जो अगर ज्यादा ,गरम ह...

पुरानी इमारत

›
        पुरानी  इमारत न टूटे  जोड़  ईंटों  के, नहीं  उखड़ा  पलस्तर है दरो दीवार इस घर की ,अभी तक सब सलामत है नहीं  वीरानगी  इसमें ,बसावट  तेरी...
Friday, January 2, 2015

पैसा और पानी

›
           पैसा और पानी                                                नहीं हाथ में बिलकुल टिकता,निकल उँगलियों से बहता है                   ...
‹
›
Home
View web version

About Me

My photo
Ghotoo
I am a Mechanical Engineer from BHU, passed out in 1963. Currently I run my own Industry in Noida
View my complete profile
Powered by Blogger.