Thursday, May 16, 2013

जीवन चक्र

                जीवन चक्र

बचपन
निश्छल मन
सबका दुलार, अपनापन
जवानी
 बड़ी दीवानी
कभी आग कभी पानी
रूप
अनूप
जवानी की खिली धूप 
चाह
अथाह
प्यार ,फिर विवाह
मस्ती
दिन दस की
और फिर गृहस्थी
बच्चे
लगे अच्छे
पर बढ़ने लगे खर्चे
काम
बिना आराम
घर चलाना नहीं आसान
जीवन
भटकते रहे हम
कभी खशी कभी गम
बुढापा
स्यापा
हानि हुई या मुनाफ़ा

मदन मोहन बाहेती'घोटू' 

Monday, May 13, 2013

राजनीति से घिन आती है



भ्रष्टाचारी,बेईमानी ,
                     देखो जिधर उधर गड़बड़ है 
इस हमाम में सब नंगे है ,
                      सब ही इक दूजे से बढ़   है 
          कोई किस पर करे भरोसा 
           सभी तरफ धोखा  ही धोखा 
पड़े हुए आदश फर्श पर,
                         और सफ़ेद अब रक्त हो गया 
राजनीति से घिन आती है ,
                           ये  मन इतना दग्ध    हो गया 
चोरबाजारी ,घूस,रिश्वते ,
                             घोटाले  और हेरा फेरी 
लूट खसोट कर रहे सब ही ,
                               आधी तेरी,आधी मेरी 
               राजनीति के इस  अड्डे  में
               गिरे पतन के सब गड्डे   में 
बहुत जरूरी ,जैसे तैसे,
                          इन्हें बचाना  तख़्त हो गया 
राजनीती से घिन आती है ,
                            ये मन इतना  दग्ध हो गया 
रोज़ रोज़ हो रहे उजागर ,
                              नए नए सकें ,घोटाले 
सभी कोयले के दलाल है ,
                               हाथ सभी के काले ,काले 
              इक दूजे को लगे बचाने 
              भूल गए आदर्श  पुराने 
सत्ता की लिप्सा के सुख में, 
                              मन इतना अनुरक्त  हो गया 
राजनीति से घिन आती है ,
                              ये मन इतना दग्ध  हो गया  

मदन मोहन बाहेती'घोटू '
                 
     
               

डाक्टर और इलाज़

             

एक महिला  ,
गयी अपने फेमिली डाक्टर के पास 
और कहने लगी होकर उदास 
डाक्टर साहब,मेरे होठ बहुत सूखते है 
इसका बतलाइए कोई उपचार 
डाक्टर बोल ,इस बिमारी का,
 सबसे अच्छा है प्राकृतिक उपचार 
अपने पति से करवाइए ढेर सारा प्यार 
उनका चुम्बन और प्यार का लुब्रिकेशन ,
आपके होठों को गीला बना देगा 
गुलाबी और रसीला बना देगा 
महिला बोली ,यदि पति से ही,
 करवाना होता इलाज
तो मै क्यों आती आपके पास 
आप किस काम के है ?
क्या डाक्टर नाम के है 
जब ले रहे है फीस आप 
तो आप ही करिए इलाज़ 

मदन मोहन बाहेती'घोटू  

Saturday, May 11, 2013

दूल्हे की हौसला अफजाई

           दूल्हे की हौसला अफजाई

जिन्दगी सारी ही तुझको ,सर झुका के काटनी ,
                             आज तो तू बैठ ले ,घोड़ी पे रह कर के तना
एक दिन तो शेर बन जा,शेरवानी पहन कर ,
                              पूरा जीवन ,गीदड़ों  की तरह ही है काटना
सेहरे से ,तेरा चेहरा ,ढक  रखा है इसलिये ,
                               उडती रंगत ,परेशानी ,कोई पाए भांप ना 
हौसला अफजाई को इतने बाराती साथ है ,
                                 डालने में ,वधूमाला ,हाथ  जाए  काँप  ना

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

 
 

Monday, May 6, 2013

फुल्लो की फ्रोक

    

कहीं पर पढ़ी थी ,एक छोटी सी कहानी 
एक थी फुल्लो  रानी 
गाँव की छह सात साल की अबोध बालिका 
बचपन में ही हो गयी थी ,उसकी सगाई 
और उसकी माँ ने थी उसको या बात समझाई 
ससुरालवालों के सामने शर्म करते है 
कभी वो सामने आ जाए तो मुंह ढकते है 
एक दिन वो पहन कर के फ्रोक 
खेल रही थी सहेलियों के साथ 
तभी ससुरालवालों को सामने से आता देख ,
फुल्लो ने हड़बड़ी में क्या किया 
अपनी फ्रोक  ऊंची की,और मुंह ढक लिया 
नन्ही मासूम को माँ की बात याद आयी 
लेकिन वो ये समझ न पायी 
मुंह तो ढक लिया पर नीचे से वो नगन है 
आज की राजनीती का भी ये ही चलन है 
जब कोइ किसी  नेता पर,
 भष्टाचार का इल्जाम लगाता है        
तो फुल्लो  की तरह ,फ्रोक से ,
 अपना मुंह ढकने की कोशिश तो  करता है ,
 पर नीचे का नंगापन ,सबको दिख जाता है 

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

किसी की ख़ुशी-किसी का गम

    किसी की ख़ुशी-किसी का गम

नेताजी के घर पोता पैदा हुआ ,
चमचों ने ख़ुशी मनाई
और बांटी मिठाई
पर कुछ देशप्रेमी विद्वजन व्यथित हुए
एक,दो नए स्कीमो का बोझ ,
देश को और झेलना पडेगा ,
इस चिंता में चिंतित हुए
क्योंकि नेताजी ने ,अब तक की,
 पीढ़ियों का इंतजाम तो कर लिया था,
अब एक नयी पीढ़ी और आगई है ,
उसका इंतजाम भी करना पडेगा
और इसका हर्जाना ,
आम आदमी को भरना पडेगा

 घोटू

Sunday, May 5, 2013

पति का बजन घटाने के नुस्खे

   

देश की सन्नारियों !
अपने पति की प्यारियों 
यदि आपके पति का बजन बढ़ रहा है 
और उन पर मोटापा चढ़ रहा है 
डॉक्टर को दिखाओगे ,मोटी  फीस लेगा 
ढेरों टेस्ट लिख देगा 
गोलियां और इंजेक्शन देगा 
और अंत में ये ही सलाह देगा 
इनके खाने पर पाबंदी लगाइये 
इनका बजन घटाइए 
और वो ही बात मै आपसे अभी कह रहा हूँ 
बजन कम करने के तरीके मुफ्त में बता दे रहा हूँ 
पहला तरीका आप ये अपनाइए 
खराब खाना पकाइये 
कभी नमक कम,कभी मिर्ची ज्यादा 
कभी चपाती टेडी मेडी बेल कर ,थोड़ी जलादों 
कभी दाल कच्ची रखो ,कभी चावल ज्यादा गला दो 
अचार मुरब्बे को डाइनिंग टेबल से दूर रखो ,
और ऐसा कुछ बनाए 
जो पतीजी  को कम भाये ,
और वो कम खाये 
और फिर उनको प्यार से बतलाएं कि ,
पंडितजी ने जन्मपत्री देख कर ,ये बात कही है 
कि आजकल हमारे ग्रह ठीक नहीं है 
शनी वक्री है और राहु का साया है 
निदान के के लिए हम दोनों को ,
शनिवार और मंगलवार का व्रत बतलाया है 
इस तरह धीरे धीरे ,प्यार से पति को पटाइये
कभी शनि का डर दिखा कर,
कभी खराब भोजन बना कर ,
कैसे भी उनका भोजन कम करवाइए 
और बीच बीच में उनकी तारीफ़ करते रहिये 
और बार बार ये कहिये 
आजकल आप थोड़े स्लिम होगए है ,
और स्मार्ट लगने लगे है 
पहले से ज्यादा जवान लगने लगे है 
फिर देखो ये नुस्खा गजब का काम करेगा 
आपके पति के मोटापे पर ,
रामबाण का काम करेगा 
पर अगर वो इस तरह प्यार से न पट पाये 
और आपसे छुप छुप कर होटल में खाएं 
तो दूसरा तरीका है ,उन्हें जलाइये 
अपने किसी पड़ोसी से दोस्ती बढाइये 
अपने पति के आगे,
 उसकी स्मार्टनेस की तारीफ़ करिए  
और पति के मन में थोड़ी इर्ष्या का भाव भरिये 
वो देखो पड़ोसी कितना सुन्दर सजीला है 
कसा कसा बदन जैसे सांचे में ढला है 
आपकी तरह नहीं थुलथुला है 
उनमे अह्सासे कमतरी का भाव जगाइये 
और आप पतिदेवता को थोडा चिढ़ाइये
वो थोड़ा जलेंगे ,थोडा कुढेंगे 
और खुद को फिट रखने की प्रेरणा लेंगे 
क्योंकि चिंता आदमी को जला देती है 
और ये जलन ,बजन घटा देती है 
बीच बीच में पति को प्यार का डोज देती रहिये 
आजकल आप स्मार्ट दीखते है,कहती रहिये 
जब से आप संतुलित पौष्टिक खाना खाने लगे है 
पड़ोसी से भी ज्यादा स्मार्ट नज़र आने लगे है 
बस थोडा सा बजन और कम हो जाए ,
तो मज़ा आ जाए गा 
मुझे यकीन है ,ये नुस्खा आपके जरूर काम आयेगा 
कोई भी नुस्खा अपनाएँ 
मेरी तरफ से आपको शुभ कामनाएं 

मदन मोहन बाहेती'घोटू'