जीवन पथ
जीवन की इतनी परिभाषा
कभी धूप है,कभी कुहासा
आते मौसम यहाँ सभी है
पतझड़ कभी ,बसंत कभी है
कभी शीत से होती सिहरन
लू से गरम ,कभी तपता तन
देता पावस कभी दिलासा
जीवन की इतनी परिभाषा
जीवन में संघर्ष बहुत है
पीड़ा भी है,हर्ष बहुत है
सुख दुःख दोनों का ही संगम
होता है जीवन का व्यापन
कभी खिलखिला ,कभी रुआंसा
जीवन की इतनी परिभाषा
फूल खिलेंगे ,कुम्हलाएँगे
भले बुरे सब दिन आयेंगे
पथ है दुर्गम,कितनी मुश्किल
चलते रहो ,मिलेंगी मंजिल
बुझने मत दो ,मन की आशा
जीवन की इतनी परिभाषा
मदन मोहन बाहेती'घोटू'
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Saturday, December 22, 2012
Friday, December 21, 2012
जूताचोर
जूताचोर
यूरोप के चर्चों में देखा ,सब जूते पहने जाते है
तुर्की की मस्जिद में जूते ,संग थैली में ले जाते है
हम तो मंदिर के बाहर ही,है जूते खोल दिया करते
एसा लगता उन देशों में ,हैं जूते चोर बहुत बसते
घोटू
यूरोप के चर्चों में देखा ,सब जूते पहने जाते है
तुर्की की मस्जिद में जूते ,संग थैली में ले जाते है
हम तो मंदिर के बाहर ही,है जूते खोल दिया करते
एसा लगता उन देशों में ,हैं जूते चोर बहुत बसते
घोटू
आत्मज्ञान
आत्मज्ञान
फोन से अपना ही नंबर ,मिला कर देखो कभी
टोन तुमको सुनाई देगी सदा इंगेज की
दूसरों बात करने में तो सब ही मस्त है
खुद से बातें करने की पर सभी लाईन व्यस्त है
घोटू
फोन से अपना ही नंबर ,मिला कर देखो कभी
टोन तुमको सुनाई देगी सदा इंगेज की
दूसरों बात करने में तो सब ही मस्त है
खुद से बातें करने की पर सभी लाईन व्यस्त है
घोटू
कर्म और धर्म
कर्म और धर्म
लक्ष्मी पूजन कभी भी ,ना किया बिल गेट्स ने,
फिर भी वो संसार का सबसे धनी इंसान है
सरस्वती पूजन किया ना,कभी आइन्स्टीन ने,
मगर उसके ज्ञान से ,उपकृत हुआ विज्ञान है
देख कर इनकी सफलता ,यही लगता मर्म है
धर्म अपनी जगह पर है,सबसे बढ़ कर कर्म है
घोटू
लक्ष्मी पूजन कभी भी ,ना किया बिल गेट्स ने,
फिर भी वो संसार का सबसे धनी इंसान है
सरस्वती पूजन किया ना,कभी आइन्स्टीन ने,
मगर उसके ज्ञान से ,उपकृत हुआ विज्ञान है
देख कर इनकी सफलता ,यही लगता मर्म है
धर्म अपनी जगह पर है,सबसे बढ़ कर कर्म है
घोटू
Wednesday, December 19, 2012
परिधान-पर दो ध्यान
परिधान-पर दो ध्यान
आदमी का पहनावा ,आदमी के जीवन में,
काफी महत्त्व रखता है
कसी जींस या सूट पहन कर,आदमी जवान ,
और फुर्तीला दिखता है
ढीले ढाले से वस्त्र पहनने से ,ढीलापन और,
सुस्ती सी छा जाती है
जैसे नाईट सूट पहनने पर सोने को मन करता
और नींद सी आजाती है
,सजधज कर रहने वाले,न सिर्फ जवान दिखते है,
ज्यादा दिन टिकते है
अच्छी तरह पेक किये गए सामान,कैसे भी हों,
पर मंहगे बिकते है
इसीलिये,लम्बा सुखी जीवन जीना है तो श्रीमान,
अपने परिधान पर दो ध्यान
सजेधजे रहोगे तभी खींच पाओगे सबका ध्यान ,
और पाओगे सन्मान
घोटू
आदमी का पहनावा ,आदमी के जीवन में,
काफी महत्त्व रखता है
कसी जींस या सूट पहन कर,आदमी जवान ,
और फुर्तीला दिखता है
ढीले ढाले से वस्त्र पहनने से ,ढीलापन और,
सुस्ती सी छा जाती है
जैसे नाईट सूट पहनने पर सोने को मन करता
और नींद सी आजाती है
,सजधज कर रहने वाले,न सिर्फ जवान दिखते है,
ज्यादा दिन टिकते है
अच्छी तरह पेक किये गए सामान,कैसे भी हों,
पर मंहगे बिकते है
इसीलिये,लम्बा सुखी जीवन जीना है तो श्रीमान,
अपने परिधान पर दो ध्यान
सजेधजे रहोगे तभी खींच पाओगे सबका ध्यान ,
और पाओगे सन्मान
घोटू
चाँद और अमावास
चाँद और अमावास
भोलाभाला ,शांत,शीतल, और बन्दा नेक मै
करते सब बदनाम मुझको ,कि बड़ा दिलफेंक मै
पर बड़ा ही शर्मीला हूँ,और घबराता बहुत,
बादलों में जाता हूँ छुप, हसीनो को देख मै
चमचमाती तारिकाओं से घिरा मै रात भर ,
सभी मेरा साथ चाहें,और बन्दा एक मै
अमावस को थके हारे ,चंद्रमा ने ये कहा ,
महीने भर में ,एक दिन का,चाहता हूँ ,ब्रेक मै
घोटू
भोलाभाला ,शांत,शीतल, और बन्दा नेक मै
करते सब बदनाम मुझको ,कि बड़ा दिलफेंक मै
पर बड़ा ही शर्मीला हूँ,और घबराता बहुत,
बादलों में जाता हूँ छुप, हसीनो को देख मै
चमचमाती तारिकाओं से घिरा मै रात भर ,
सभी मेरा साथ चाहें,और बन्दा एक मै
अमावस को थके हारे ,चंद्रमा ने ये कहा ,
महीने भर में ,एक दिन का,चाहता हूँ ,ब्रेक मै
घोटू
Tuesday, December 18, 2012
माचिस की तिली
माचिस की तिली
पेड़ की लकड़ी से बनती,कई माचिस की तिली ,
सर पे जब लगता है रोगन,मुंह में बसती आग है
जरा सा ही रगड़ने पर ,जलती है तिलमिला कर,
और कितने दरख्तों को ,पल में करती खाक है
घोटू
पेड़ की लकड़ी से बनती,कई माचिस की तिली ,
सर पे जब लगता है रोगन,मुंह में बसती आग है
जरा सा ही रगड़ने पर ,जलती है तिलमिला कर,
और कितने दरख्तों को ,पल में करती खाक है
घोटू
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