Thursday, September 18, 2014

हीरे और इंसान

          हीरे और इंसान

अफ्रिका के लोग काले ,देश वह अश्वेत का,
          मगर हीरे चमचमाते ,वहां के  मशहूर है
गोरे  ,सुन्दर ,श्वेत लोगों से भरा है अमेरिका,
         वहां के सौंदर्य में ,होता गजब का नूर  है
मगर नकली और सस्ते है 'अमरिकन डायमंड '
        दिखने में अच्छे है, उनमे चमक भी भरपूर है
'इण्डिया'की खदानों में ,हीरे है कम निकलते ,
        मगर जो भी निकलते है,होते वो 'कोहिनूर'है

मदन मोहन बाहेती 'घोटू'

अलग अलग अनुभूतियाँ

         अलग अलग अनुभूतियाँ

पिता के चरणो को छूते ,मिलता आशीर्वाद है ,
          तरक्की करते रहें और सदा आगे बढें  हम
माँ की गोदी में रखो सर ,मिलता है मन को सुकून ,
       शांति मिलती ,भूल जाते,दुनिया के रंज औ' सितम
और जब आते है अपनी प्रिया के आगोश मे,
        होश गुम होते है सबके ,हो जाते मदहोश   हम  
लेते है गोदी में जब हम ,अपनी ही औलाद को,
       ममता और वात्सल्य रस में ,भीग जाता सबका मन
बहुत दिन के बाद जब मिलते पुराने दोस्त है,
         अलग ही आनंद होता ,लेते है जब   झप्पियां
 हर मिलन में हुआ करती भावनाएं है अलग ,
           इसलिए हर मिलन में होती अलग अनुभूतियाँ

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

अनमेल जोड़ी

             अनमेल  जोड़ी

गले में बन्दर के देता ,मोतियों का हार  है ,
        गधों के भी भाग्य में ,लिख देता चंचल घोड़ियाँ
पत्नी टीचर ,पति फटीचर ,क्या अजब सा मेल है ,
            खुदा तू भी बनाता है  ,कैसे कैसी जोड़ियां
मैंने उससे पूछा तो ये खुदा ने उत्तर दिया ,
           एक से हों मियां बीबी ,तो' ईगो 'टकराएगा ,
एक बेहतर ,एक कमतर ,कर लेते 'एडजस्ट 'है,
          टिकाऊ होती है अक्सर , इस तरह की जोड़ियां

घोटू

टेढ़ी वो अच्छी लगे

           टेढ़ी वो अच्छी  लगे

टेढ़ीमेढ़ी जिंदगी की ,टेढ़ीमेढ़ी राह है,
         टेढ़ेमेढ़े लोग है पर जिंदगी  अच्छी लगे
गोल लड्डू और होती बर्फियां चौकोर है,
        मगर हमको टेढ़ीमेढ़ी जलेबी अच्छी लगे
टेढ़ीमेढ़ी वक्र रेखा से सजा उनका फिगर ,
       उनकी नज़रें टेढ़ी भी हो ,तो हमें अच्छी लगे
बॉस टेढ़े,खुश उन्हें रखना भी टेढ़ी खीर है,
       सास टेढ़ी,उनकी टेढ़ी बेटी भी अच्छी लगे

घोटू

ये रास्ते है प्यार के

           ये रास्ते है प्यार के

पहले पकड़ा हाथ,उँगलियों को सहलाया ,
       पहुँची पकड़ी,फिर उनकी बाहों तक  पहुंचे
आगे बढ़ फिर उनके गालों को सहलाया ,
      और फिर उनके रेशम से बालों तक पहुंचे
फिर डाला जाता है बाहुपाश का घेरा ,
       एक एक कर ,फिर हर  बंधन खुल जाता है
ऐसे ही बस कदम बढ़ा कर धीरे धीरे ,
      'घोटू' अपनी मंजिल तक पहुंचा जाता   है       
'घोटू '

मोदी जी के जन्मदिन पर

         मोदी जी के जन्मदिन पर

आज विश्वकर्मा दिवस है,करें हम उनको नमन,
      सृष्टिकर्ता ,देवता वह,सृजन का ,निर्माण का
आज मोदी का जन्मदिन ,यह सुखद संयोग है,
      लिया है संकल्प जिसने ,देश नवनिर्माण का
देश का 'प्रगति पुरुष'यह,बड़ी लम्बी सोच है ,
      हौसला मन में भरा है,साथ ले विज्ञान का
 आओ हम तुम, सच्चे दिल से,करें प्रभु से प्रार्थना ,
    पूर्ण होवे स्वप्न उसका ,देश के  उत्थान का

घोटू
(पोस्टिंग में एक दिन के विलम्ब के लिए क्षमा याचना )

Tuesday, September 16, 2014

सच्चा मिलन

        सच्चा मिलन

किलकारी जब भरता ,नन्हा प्यारा  बच्चा ,
         ममता से गोदी में उसको हम भर लेते
मिलते है जब दोस्त पुराने ,दिनों बाद तो ,
           उसकी झप्पी लेते,बाहों में भर लेते 
कोई अपना मिले ,गले उसके लग कर हम,
      काँधे से चिपकाते,अपनापन होता है
किन्तु प्रेम में पागलप्रेमी है जब मिलते,
    बाहुपाश में  बंधते ,वही मिलन होता है

घोटू