Monday, September 20, 2021

अहम ब्रह्म

करो व्यवस्थित अपना जीवन 
रखो सुरक्षित अपना तन मन 
रहो सभी के तुम अपने बन
तभी पाओगे तुम अपनापन 

जियो जीवन सीधा-सादा
तभी मिलेगी खुशियां ज्यादा 
स्वच्छ संतुलित खाना पीना 
तब ही स्वस्थ जिंदगी जीना 

मुंह में राम बगल छुरी है 
ऐसी आदत बड़ी बुरी है 
अपनी कमियां सभी सुधारो 
छुपे हुए रावण को मारो 

अगर न निर्मल, मन जमुना जल 
छुपा कालिया नाग कहीं पर 
उसका मर्दन करो कृष्ण बन
तभी सफल होगा यह जीवन 

मोह माया का हिरण्यकश्यप 
तम्हें सताता रहता जब तब 
सहन मत करो, मारो उसको
बन नरसिंह, संहारो उसको

रूप विराट नहीं दिखलाओ 
तुम वामन स्वरूप बन जाओ 
भू, पाताल और नभ सर्वस
तीन पगों में नापोगे बस 

जीवन के समुद्र मंथन में 
रखो आस रत्नों की मन में 
किंतु हलाहल भी मिलता है 
शंकर बन पीना पड़ता है 

होते तुम निराश यूं क्यूं हो 
प्रभु तुममें ,तुम स्वयं प्रभु हो
चलते जाओ, नहीं थको तुम 
जीतोगे, विश्वास रखो तुम 

मन में हो जो अटल इरादा
 राह न रोक सकेगी बाधा 
 रखो हौसला, लक्ष्य पाओगे 
 तुम मंजिल पर पहुंच जाओगे

मदन मोहन बाहेती घोटू

Saturday, September 18, 2021

आलोचना 

आजकल हर जना 
जरूरत से ज्यादा होशियार है बना 
अपने गिरेबान में झांकना नहीं ,
करता है औरों की आलोचना 
सोच नकारात्मक है 
दृष्टिकोण भ्रामक है 
जो सिर्फ औरों की कमियां ही दिखाता है 
उसे आधा भरा हुआ नहीं ,
बाकी जो खाली है वह आधा गिलास नजर आता है लोगों की अच्छाइयां नहीं दिखती 
उनकी बुराइयां ही खोजता है 
कोकिला की तरह आम्र तरु पर नहीं,
 कौवे की तरह सीधा नीम तक ही पहुंचता है 
 किसी की गलतियां ढूंढना बड़ा आसान है 
 गलतियां तो करता ही रहता है इंसान है 
 अरे इंसान क्या कई बार ,
 भगवान से भी गलती हो जाती है 
 किसी किसी के हाथ में ,
 पांच के बदले छह उंगलियां पाई जाती है 
 गलतियां उसी से होती है जो कुछ करता है 
 निठल्ले का जीवन तो व्यर्थ ही गुजरता है 
 कभी अपने अंदर  झांकोगे,
 तो अपनी भी कई कमियां देख पाओगे 
 पहले उन्हें सुधारोगे,
  तब दूसरों पर उंगली उठाओगे  
  आत्मविवेचन सबसे बड़ा उपचार है
  जो बदल देता आदमी का व्यवहार है 
  ऐसा करके तुम अपनी जिंदगी संवार सकोगे 
  खुद सुधरोगे , तभी औरों को सुधार सकोगे 
  इसलिए सिर्फ गलतियों को मत तलाश करो 
  कोई गलती नजर आए ,
  तो उसे सुधारने का प्रयास करो 
  इससे तुम्हारी गरिमा बढ़ेगी 
  तुम्हारी छवि और भी निखरेगी
  अपने जीवन को सार्थक करिए 
 आलोचक नहीं, सुधारक बानिये

मदन मोहन बाहेती घोटू

Friday, September 17, 2021

बदलते मौसम 

तू जो ना संग, लगती सर्दी,
 बढ़ जाती है तन में ठिठुरन
तू पास आती, बढ़ती ऊष्मा ,
होता गर्मी वाला मौसम 
तू मिल जाती ,फूल महकते,
 खिलता मौसम, बासंती बन  
 मिलन हमारा बारिश जैसा, 
 प्यार बरसता रिमझिम रिमझिम 
 कभी गर्म तू सूरज जैसी, 
 कभी चांदनी सी शीतल है 
 जब भी साथ तेरा मिलता है ,
 मौसम जाते बदल बदल है

मदन मोहन बाहेती घोटू

Thursday, September 16, 2021

जियो आत्मा सम्मान से

जब तक जीवन है तुम जियो शान से 
समझौता मत करो  आत्मसम्मान से 

अगर आत्मविश्वास हृदय में खास है 
धीरज की पूंजी, जो तुम्हारे पास है 
रखो हौसला ,लड़ लोगे तूफान से 
समझौता मत करो आत्म सम्मान से 

औरों में क्या कमियां है यह मत ताको
पहले अपने गिरेबान में तुम  झांको
उन्हें सुधारो , जियोगे आसान से 
समझौता मत करो आत्मसम्मान से 

लोग कहेंगे क्या, इस पर तुम ध्यान न दो 
बकवासों पर दुनिया की तुम कान न दो 
सुनो ,निकालो उसे दूसरे कान से 
समझौता मत करो आत्मसम्मान से 

आसपास की हर हरकत पर नजर रखो 
चौकन्ने से रहो ,सभी की खबर रखो 
क्या होता है ,रहो नहीं अनजान से 
समझौता मत करो आत्मसम्मान से 

नहीं किसी से बैर कोई भी मन में हो 
मिलनसारिता, प्रेम भाव जीवन में हो 
करो मदद कमजोरों की, जी जान से 
समझौता मत करो आत्मसम्मान से 

सार हीन संसार ,करो सत्कर्म सदा 
परोपकार को मानो अपना धर्म सदा 
नाम तुम्हारा होगा अच्छे काम से 
समझौता मत करो आत्मसम्मान से

मदन मोहन बाहेती घोटू

Thursday, September 9, 2021

जीवन शैली 

यदि खुद पर विश्वास करोगे 
नहीं किसी से आस करोगे 
जीत लिया जो तुमने भय है 
तो तुम्हारी सदा विजय है 

रहो सभी के तुम अपने बन 
वही करो, जो कहता है मन 
ख्याल रखोगे जो तुम सबका 
तुम जीतोगे ,यह है पक्का 
नहीं सफलता में संशय है 
तो तुम्हारी सदा विजय है

अगर लड़ोगे हिम्मत के संग 
बनो जुझारू, जीतोगे जंग 
सकारात्मक ,सोच रखोगे 
तो तुम आगे बहुत बढ़ोगे 
जब जागोगे ,तभी सुबह है 
तो तुम्हारी सदा विजय है

मदन मोहन बाहेती घोटू
मेरी चाहत  

नहीं चाहिए हीरा मोती, नहीं चाहिए बंगला कोठी 
बस अपना कर सकूं गुजारा, चाहूं नहीं कमाई खोटी जब तक जीयूं स्वस्थ रहूं मैं,मुझको अच्छी सेहत देना 
सबके साथ रहूं हिलमिल कर,प्रभु प्यार की दौलत देना

 तूने जब जीवन ये दिया है ,तो सुख दुख भी बांटे होंगे 
कभी फूल बरसाए होंगे ,कभी चुभाये कांटे होंगे 
 सब विपदायें झेल सकूं मैं,मुझको इतनी हिम्मत देना 
सबके साथ रहूं हिलमिल कर, प्रभु प्यार की दौलत देना
 
 ऐसा मेरा हृदय बनाना ,भरा हुआ जो संवेदन से  दुखियारों के काम आ सकूं,मैं तन से मन से और धन से
 श्रद्धा रखूं ,बुजुर्गों के प्रति, मेरे मन में इज़्जत देना 
सबके साथ रहूं हिलमिल कर, प्रभु प्यार की दौलत देना

 रहे नम्रता भरा आचरण और घमंड भी जरा नहीं हो 
 मेरे हाथों कभी किसी का, भूले से भी, बुरा नहीं हो 
 मन में भक्ति, तन में शक्ति और सब के प्रति चाहत देना 
सब के साथ रहूं हिलमिल कर ,प्रभु प्यार की दौलत देना

मदन मोहन बाहेती घोटू
सफेदी का चमत्कार 

सफेदी की चमकार
 बार-बार 
 लगातार 
 जी हां ,हम सबको है सफेदी से प्यार 
 सफेद चूने से पोत कर रखते हैं घर की दरो दीवार 
रोज ब्रश करते हैं रखने को दांतों की सफेदी बकरार
 मेहनत करके,टैक्स भर के ,
सफेद कमाई की जाती है 
 वर्षों के अनुभव के बाद सर पर सफेदी आती है 
 सफेद रंग में चीनी का मिठास है 
 सफेद रंग में नमक का स्वाद है 
 सफेद रंग में वाष्प की गरमाई है 
 सफेद रंग में बर्फ़ की ठंडाई है 
 सफेद रंग में दूध की पौष्टिकता है 
 सफेद रंग में रुई की कोमलता है 
 सफेद रंग झरनो की तरह निर्मल है 
 सफेद रंग हिमालय की तरह सुदृढ़ है
 सफेद रंग शांति का द्योतक है 
 सफेद रंग में धूप की चमक है
सफेद कबूतर उड़ा के शांति का संदेश दिया जाता है 
तो क्यों कुछ लोगों का खून सफ़ेद पड़ जाता है
तो क्यों कुछ सफेदपोश नेता काली कमाई करते हैं 
सफेद दाढ़ी वाले कुछ बाबाओं की काली करतूतें है 
तो क्यों लोग सफेद बगुला भगत बने शिकार करते हैं 
तो क्यों कुछ लोग सफेद झूठ बोलने से नहीं डरते हैं
कई लोग जो खुद को बतलाते दूध के धुले हैं 
वे सब सफेद रंग को बदनाम करने में तुले हैं 

मदन मोहन बाहेती घोटू