Thursday, April 21, 2022

गोपाल जी मनोरमा विवाह के 60 साल के अवसर पर 
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साठ साल पहले मिले मनोरमा गोपाल 
एक दूजे का साथ पा, दोनों हुए निहाल 
दोनों हुए निहाल ,प्रेम की महकी क्यारी 
फूल खिले दो,एकअतुल एक ममता प्यारी 
जीवन बीता सत्कर्मों और परोपकार में 
सब से मिलकर रहे इकट्ठे परिवार में 

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जब इनकी शादी हुई थे ये दसवीं पास 
विद्या पाने का मगर करते रहे प्रयास 
करते रहे प्रयास ,बने सी ए लड्ढाजी 
मनोरमा ने भी एम ए कर मारी बाजी 
चमकी महिला मंडल की मंत्राणी बनकर 
और गोपाल जी लायन क्लब के बने गवर्नर
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सरस्वती मां ने दिया विद्या का वरदान 
और लक्ष्मी मां ने दिया प्रेम सहित धनधान्य
प्रेम सहित धन धान्य,लुटाया सबमें जी भर 
सत्कार्यों से ली इन ने अपनी झोली भर 
शीतल शांत स्वभाव ,पुण्य करते मन हरषे
 कृपा ईश्वर की ,दोनों पर हरदम बरसे 
 
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मन में सेवा भावना और अच्छे संस्कार 
दोनों ने में लुटाया ,सब में अपना प्यार 
सब में अपना प्यार ,हमेशा रहे विजेता 
और समाज के रहे हमेशा बनकर नेता 
घोटू प्रभु से यही प्रार्थना है कर जोड़ी 
रहे स्वस्थ और दीर्घायु हो इनकी जोड़ी

मदन मोहन बाहेती घोटू 

Thursday, April 14, 2022

प्रतीक्षा 

प्रतीक्षा तुम करो पर वो समय के साथ ना पहुंचे

जहां पर आ रही खुजली, वहां तक हाथ ना पहुंचे

इधर के कान से सुनकर ,दूसरे से करे बाहर,

फायदा क्या कुछ कहने का ,जो उन तक बात ना पहुंचे

घोटू 
डॉगी 

हमको हर एक बात पर वो टोकने लगे 

हल्की सी भी आहट हुई तो चौकने लगे 

हमने जो उनके डॉगी को कुत्ता क्या कह दिया,

 कुत्ता तो चुप रहा मगर वो भौंकने लगे

घोटू 
बिलैया 

कहते हैं कि ये शेर की मौसी है बिलैया 

कितने ही चूहे खाने की दोषी है बिलैया 

नौ सौ से अधिक चूहों को जब कर लिया  हज़म,

 करने के लिए हज को अब पहुंची है बिलैया

घोटू 

Tuesday, April 12, 2022

फलाहारी नमकीन 

बरत में खाया जो जाए ,वह है नमकीन फलहारी

पड़ोसन से बहलता मन ,जब मैके जाए घरवाली

 पड़ोसन भी अगर ऐसे में ,जो मैके चली जाए,
 
 लगे गीला हुआ आटा,छा रही जब हो  कंगाली

घोटू 
पत्थर की मूरत 

करें तस्वीर क्या उनकी, बड़ी ही प्लेन सादा है

वो दूरी से,निगाहों से ,दिखाते प्यार ज्यादा है 

बड़े मायूस होकर दिल को समझाने को हम बोले,

 किसी पत्थर की मूरत से ,मोहब्बत का इरादा है

घोटू 
बुढ़ापे में 

बुढ़ापे में, भुलक्कड़पन की बीमारी से तुम बच लो 
जरा सा याद मैं रख लूं,जरा सा याद तुम रख लो 
भुलाना है ,भुला दे हम ,पुरानी कड़वी यादों को, 
बुढ़ापे में जवानी का नया सा,स्वाद तुम चख लो

घोटू