Friday, April 29, 2022

तेरा प्यार 

मैंने सारे स्वाद भुलाए, जबसे तेरा प्यार चखा है 
अपने से भी ज्यादा तूने हरदम मेरा ख्याल रखा है

खुद से ज्यादा तुझको रहती हरदम औरों की है चिंता
नेह उमड़ता है नैनों से ,और बरसती रहती ममता 
परेशानियां सब सह लेगी ,मुंह पर कोई शिकन ना लाए 
लेकिन ख्याल रखेगी सबका ,कोई कुछ तकलीफ न पाए 
तेरे मुस्काते चेहरे ने, हृदय हमारा सदा ठगा है 
मैंने सारे स्वाद बुलाए जबसे तेरा प्यार चखा है

 नर्म हृदय तू ,सदा नम्रता तेरे उर में रहती बसती 
सारे काम किया करती है तू खुश होकर हंसती हंसती
 तुझ में अच्छे संस्कार हैं तू गृहणी व्यवहार कुशल है 
 सुख और चैन मेरे जीवन में, तेरे मधुर प्यार का फल है 
सद्भावों से भरी हुई तू, जीवनसंगिनी और सखा है 
मैंने सारे स्वाद बुलाए ,जब से तेरा प्यार चखा है

मदन मोहन बाहेती घोटू 
मेरी पत्नी बहुत मधुर है 

मेरी उमर हो गई अस्सी
मैं अब भी हूं मीठी लस्सी 
पिचहत्तर होने आई है 
पत्नी मेरी रसमलाई है 
हम दोनों का साथ अनूठा 
यह भी मीठी ,मैं भी मीठा 
सीधी सादी, सुंदर भोली 
 बहुत मधुर मीठी है बोली 
सब के संग व्यवहार मधुर है 
दिल से करती प्यार मधुर है 
कभी सुहाना गाजर हलवा 
कभी जलेबी जैसा जलवा 
कभी गुलाब जामुनो जैसी 
या कातिल काजू कतली सी 
रबड़ी है ये कलाकंद है 
हर एक रुप में यह पसंद है 
अधरम मधुरम वदनम मधुरम
 नयनम मधुरम चितवन मधुरम
 मनमोहक मुस्कान खान है 
 मिठाई की ये दुकान है 
 यह तो था सौभाग्य हमारा 
 जो पाया है साथ तुम्हारा 
 सहगामिनी पति की सच्ची 
 मेरी तारा सबसे अच्छी 
 जीवन में बहार बन आई 
 जन्मदिवस की तुम्हे बधाई

मदन मोहन बाहेती घोटू 
आज भी 

आज भी कातिल अदायें आपकी हैं ,
आज भी शातिर निगाहें आपकी हैं 
आज भी लावण्यमय सारा बदन है,
आज भी मरमरी बांहे आपकी है 
महकता है आज भी चंदन बदन है ,
आज भी है रूप कुंदन सा दमकता 
अधर अब भी है गुलाबी पखुड़ियों से,
और चेहरा चांद के जैसा चमकता 
बदन गदरा गया है मन को लुभाता,
कली थी तुम फूल बनकर अब खिली हो 
 भाग्यशाली मैं समझता हूं मै स्वयं को 
 बन के जीवनसंगिनी मुझको मिली हो 
 केश अब भी काले ,घुंघराले ,घनेरे 
 और अंग अंग प्यार से जैसे सना हो 
 हो गई होगी पिचत्तर की उमर पर ,
 मुझे अब भी लगती तुम नवयौवना हो

मदन मोहन बाहेती घोटू 

Thursday, April 21, 2022

गोपाल जी मनोरमा विवाह के 60 साल के अवसर पर 
1
साठ साल पहले मिले मनोरमा गोपाल 
एक दूजे का साथ पा, दोनों हुए निहाल 
दोनों हुए निहाल ,प्रेम की महकी क्यारी 
फूल खिले दो,एकअतुल एक ममता प्यारी 
जीवन बीता सत्कर्मों और परोपकार में 
सब से मिलकर रहे इकट्ठे परिवार में 

2
जब इनकी शादी हुई थे ये दसवीं पास 
विद्या पाने का मगर करते रहे प्रयास 
करते रहे प्रयास ,बने सी ए लड्ढाजी 
मनोरमा ने भी एम ए कर मारी बाजी 
चमकी महिला मंडल की मंत्राणी बनकर 
और गोपाल जी लायन क्लब के बने गवर्नर
3
सरस्वती मां ने दिया विद्या का वरदान 
और लक्ष्मी मां ने दिया प्रेम सहित धनधान्य
प्रेम सहित धन धान्य,लुटाया सबमें जी भर 
सत्कार्यों से ली इन ने अपनी झोली भर 
शीतल शांत स्वभाव ,पुण्य करते मन हरषे
 कृपा ईश्वर की ,दोनों पर हरदम बरसे 
 
4
मन में सेवा भावना और अच्छे संस्कार 
दोनों ने में लुटाया ,सब में अपना प्यार 
सब में अपना प्यार ,हमेशा रहे विजेता 
और समाज के रहे हमेशा बनकर नेता 
घोटू प्रभु से यही प्रार्थना है कर जोड़ी 
रहे स्वस्थ और दीर्घायु हो इनकी जोड़ी

मदन मोहन बाहेती घोटू 

Thursday, April 14, 2022

प्रतीक्षा 

प्रतीक्षा तुम करो पर वो समय के साथ ना पहुंचे

जहां पर आ रही खुजली, वहां तक हाथ ना पहुंचे

इधर के कान से सुनकर ,दूसरे से करे बाहर,

फायदा क्या कुछ कहने का ,जो उन तक बात ना पहुंचे

घोटू 
डॉगी 

हमको हर एक बात पर वो टोकने लगे 

हल्की सी भी आहट हुई तो चौकने लगे 

हमने जो उनके डॉगी को कुत्ता क्या कह दिया,

 कुत्ता तो चुप रहा मगर वो भौंकने लगे

घोटू 
बिलैया 

कहते हैं कि ये शेर की मौसी है बिलैया 

कितने ही चूहे खाने की दोषी है बिलैया 

नौ सौ से अधिक चूहों को जब कर लिया  हज़म,

 करने के लिए हज को अब पहुंची है बिलैया

घोटू