Sunday, June 11, 2023

मामूली आदमी 

मैं एक मामूली आदमी हूं
पहले मैं खुद को आम आदमी कहता था 
संतोषी और सुखी रहता था 
पर जब से केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी बनाई है 
आम आदमी बनने का नाटक कर ,
आम आदमी की खिल्ली उड़ाई है 
कहीं आम आदमी की,अपने घर को 
सुधारने के लिए छियांलिस करोड़ रुपए
खर्च करने की औकात होती है 
पर इन नेताओं की अलग ही जात होती है 
गले में मफलर डालने भर से 
कोई आम आदमी नहीं बन जाता 
पर जनता को बरगलाने के लिए ,
यह नाटक है किया जाता 
यूं भी आजकल आम के दाम 
छू रहे हैं आसमान 
आम खाना, आम आदमी की पहुंच से 
बाहर हो रहा है 
इसलिए आम आदमी ,आम आदमी नहीं रहा है 
आजकल आम आदमी की पहुंच में है मूली इसलिए आम आदमी ,बन गया है मामूली 
मेरी औकात भी मूली पर आकर है थमी 
और मैं बन गया हूं मामूली आदमी 

मदन मोहन बाहेती घोटू 

Saturday, June 10, 2023

विचार गंगा

 हम शब्दों को छू ना पाते, शब्द हमें छू जाते हैं दृष्टिकोण अलग होता है, पास सभी के आंखें हैं
 
करनी तो सब ही करते हैं,लेकिन करनी करनी में, 
फर्क बहुत होता,जीवन में जिससे सुख दुख आते हैं 
आती हमें नजर है झट से, क्या कमियां है औरों में
 लेकिन अपनी कमियों को हम, कभी देख ना पाते हैं 
सब हमें पता है ,तुम्हें पता है ,सबको जाना है एक दिन ,
लंबे जीवन की आशा में ,हम खुद को बहलाते हैं

हमें जिंदगी बस गुजारनी नहीं ,जिंदगी जीनी है,
नहीं गटागट, घूंट घूंट जो पीते ,मजा उठाते हैं

अपनीअपनी पड़ी सभी को, दुख में साथ नहीं देते 
रिश्ते ,नाते ,प्यार वफ़ा सब ,यह तो कोरी बातें हैं

 सबको है मालूम ,साथ में कुछ भी ना जाने वाला
 लेकिन मोह माया बंधन में हम बंधते ही जाते हैं

मदन मोहन बाहेती घोटू 

Monday, June 5, 2023

मोदी ही मोदी 
1
न रुदबा बचा है , न कुर्सी ,कमीशन,
 परेशान है सारे नेता विरोधी 
 सत्ता में आया है जब से ये मोदी, 
 उसने तो उनकी है लुटिया डुबो दी 
 पड़े लाले, घोटाले वालों के सारे ,
 आये हाशिए पर ,है पहचान खो दी 
 इधर देखो मोदी, उधर देखो मोदी 
 देश और विदेशों में मोदी ही मोदी  
 2
गरीबों को छत दीऔर भूखों को राशन
 घर घर में बिजली, किये काम अनगिन 
 बिछा जाल सुंदर सुहानी सड़क का ,
 पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण 
 हरे क्षेत्र में बढ़ रहे हम हैं आगे ,
 तरक्की मेरा देश करता दिनों दिन 
 विदेशों में भारत का डंका बजा है ,
 अगर जो है मोदी, सभी कुछ मुमकिन

मदन मोहन बाहेती घोटू 

Sunday, June 4, 2023

जीने की चाहत 

मुझे जिंदगी से मोहब्बत हुई है 
अधिक लंबा जीने की चाहत हुई है 

बिमारी ने लंबी ,किया मुझको बेकल 
घिरने लगे थे निराशा के बादल 
मगर खेरख्वाओं ने हिम्मत बढ़ाई 
किरण रोशनी की मुझे दी दिखाई 
सुधर फिर से अच्छी सी सेहत हुई है 
मुझे जिंदगी से मोहब्बत हुई है 

मेरा ख्याल रखती मेरी हमसफर है 
आसां हुई जिंदगी की डगर है 
कदम मेरे अब ना रहे डगमगा है 
नया आत्मविश्वास मुझ में जगा है 
बड़े अच्छे मित्रों की संगत हुई है 
मुझे जिंदगी से मोहब्बत हुई है 

दुआओं ने सबकी असर यह दिखाया 
बुझा था जो चेहरा ,वह फिर मुस्कुराया 
फिर से नया जोश ,जज्बा मिला है 
पुराना शुरू हो गया सिलसिला है 
बुलंद हौसला और हिम्मत हुई है 
मुझे जिंदगी से मोहब्बत हुई है 

सोये थे अरमान ,सब जग गए हैं 
उड़ूं आसमां में अब पर लग गए हैं 
तमन्ना है सारे मजे मैं उठा लूं 
सभी खुशियां जीवन की ख़ुद में समालू  
ललक मौज मस्ती की जागृत हुई है 
मुझे जिंदगी से मोहब्बत हुई है

मदन मोहन बाहेती घोटू 

Tuesday, May 30, 2023

तू तू मैं मैं 

अगर काटना है यह जीवन जो मस्ती में 
बहुत जरूरी पति-पत्नी में तू तू मैं मैं 

तू तू मैं मैं ना होगी, तकरार ना होगी 
जीत किसी की और किसी की हार न होगी 
नहीं रूठना होगा और ना मान मनौव्वल
होगा प्यार ही प्यार अगर जीवन में केवल 
मजा ना देगी ,भरी मिठाई , थाली पूरी 
स्वाद चाहिए ,संग होना, नमकीन जरूरी 
इसी तरह यदि बीच प्यार के, हो जो झगड़ा 
देता है जीवन में सुख को और भी बढ़ा 
बिन लड़ाई के ये जीवन है सूना सूना 
लड़कर प्यार करो ,आनंद आता है दूना
लड़ती है जबआंखें, होता तभी प्यार है 
बिन पतझड़ के कभी नहीं आती बहार है
नहीं एकरसता चाहते हो यदि जीवन में 
बहुत जरूरी ,पति-पत्नी में ,तू तू मैं मैं

मदन मोहन बाहेती घोटू
जवानी फिर से मिल जाए 

बीते हुए जवान दिनों की जब आती है याद 
दोनों हाथ उठा ईश्वर से करता में फरियाद 
ऐसा चमत्कार दिखला दो भगवान अबकी बार 
सूख रहा यह गुलशन फिर से हो जाए गुलजार 
मुरझाए इस दिल की कलियां फिर से खिल जाए 
 भगे बुढ़ापा दूर जवानी फिर से मिल जाए 

तन की सुस्ती हटे और फिर चुस्ती आ जाए 
नहीं रहे वीरानापन और मस्ती आ जाए 
तन में जोश भरे ,चेहरे पर ऐसी रंगत आय
साथ हसीनों का फिर से में कर पाऊं इंजॉय 
वह मुझको मिल जाए हमेशा जिस पर दिलआए 
भगे बुढ़ापा दूर ,जवानी फिर से मिल जाए

मदन मोहन बाहेती घोटू 
कन्यादान वरदान 

खत्म हुई शादी की धूम धाम 
उपहारों का आदान-प्रदान 
मनाने को हनीमून 
दूल्हा और दुल्हन 
चले गए हिल स्टेशन 
एक दिन लड़का लड़की के मां-बाप 
डिनर पर बैठे साथ-साथ 
कर रहे थे वार्तालाप 
लड़की की मां ने कहा, हमने अपनी प्यारी 
नाज़ों से पाली 
बेटी का कर दिया है कन्यादान 
हमें विश्वास है आप रखेंगे उसका ध्यान 
लड़के की मां ने कहा, आपने किया है कन्यादान तो हमने भी किया है वर का दान 
हमारा बेटा अब हमारे हाथ से निकल जाएगा अपनी बीवी की सुनेगा और उसके गुण गाएगा 
अपनी पत्नी के इशारों पर नाचेगा 
हमारी ओर ध्यान कब देगा 
आजकल 
नव युगल 
अपनी जिंदगी अपने ढंग से,
 मनाने को होते हैं बेकल 
 हमारा लाडला 
 पराया है हो चला 
 आज नहीं तो कल ,
 बना लेगा अपना अलग घोंसला 
 हमारा घर छोड़ कर उड़ जाएगा 
 अपनी दुनिया अपने ढंग से बसायेंगा 
 शायद यही सोचकर ,
 आपने पहले से ही इंतजाम कर दिया है 
एक फ्लैट दहेज में बेटी के नाम कर दिया है 
हमारा आशिर्वाद
हमेशा है उनके साथ 
वे जहां भी रहे ,जैसे भी रहे ,फले फूले 
पर अपने मां बाप को ना भूले 
यही तसल्ली क्या कम है हमारे लिए 
वे भी चैन से जिए और हम भी चैन से जिएं

मदन मोहन बाहेती घोटू