Thursday, September 7, 2023

विनती परमेश्वर से 

विनती है तुझसे परमेश्वर 
मुझे बुलाए जब अपने घर 
मत देना व्याधि का संकट 
लेना मुझे बुला तू झटपट 
रुग्णालय में रहूं तड़पता,
 ऐसा बुरा नसीब ना देना 
मेरे कारण कभी किसी को,
होने कुछ तकलीफ न देना 

मोहजाल में फंसा हुआ मैं 
जल्दी से अब जाऊं निकलता 
आया था मैं रोता रोता 
लेकिन जाऊं हंसता हंसता 
बना रहे परिवारजनों में 
प्यार भाव पहले ही जैसा 
उन पर विपदा कोई ना आए 
सुख शांति से रहे हमेशा 
हो समृद्ध ,प्रफुल्लित जीवन ,
कभी किसी को टीस न देना 
मेरे कारण कभी किसी को 
होने कुछ तकलीफ न देना 

जीवन भर सत्कर्म किए हैं 
नहीं दुखाया कोई का दिल 
बस इतनी तू कृपा बनाना,
जगह स्वर्ग में जाए मुझे मिल 
मेरी अर्धांगिनी पत्नी ने ,
ख्याल रखा है मेरा हर क्षण 
इसीलिए विनती है जब तक 
वह जिए बन रहे सुहागन 
परेशानियां कोई उसके 
आने कभी करीब न देना 
मेरे कारण कभी किसी को 
होने कुछ तकलीफ न देना 

मन में गिला न शिकवा कोई 
नहीं किसी से रुष्ट रहूं मैं
जिऊं एक संपूर्ण जिंदगी 
और सदा संतुष्ट रहूं मैं
क्षणभंगुर जीवन में जब भी 
आए जुदाई का जब वह पल 
मुंह पर तेरा नाम बसा हो 
हो मुस्कान मेरे चेहरे पर 
कोई दुख को या पीड़ा को 
आने मेरे समीप न देना 
मेरे कारण कभी किसी को 
होने कुछ तकलीफ न देना

मदन मोहन बाहेती घोटू 

Thursday, August 31, 2023

भजन

मुझे जब भी उठाना भगवान, स्वर्ग में ले जाना 
मेरे मुख हो तेरा नाम ,स्वर्ग में ले जाना
 मुझे जब भी उठाना भगवान, स्वर्ग में ले जाना 
 
भक्ति भाव से मैं जीवन में 
डूबा रहा भजन कीर्तन में 
मैंने हर दिन सांझ सवेरे 
गायें हैं भगवन गुण तेरे 
किए दर्शन चारों धाम ,स्वर्ग में ले जाना 
मुझे जब भी उठाना भगवान, स्वर्ग में ले जाना

दुख ना दिया किसी को भगवन 
सत्कर्मों से जिया जीवन 
दीन दुखी की सेवा कर कर 
आशिशों से झोली भरकर 
नहीं किया बुरा कोई काम, स्वर्ग में ले जाना 
मुझे जब भी उठाना भगवान, स्वर्ग में ले जाना

 चौरासी योनी का चक्कर 
 मुझको मुक्त कराना ईश्वर 
 पार बेतरणी करवा देना 
 मुझको मोक्ष दिला तू देना 
 तुझे कोटि-कोटि प्रणाम, स्वर्ग में ले जाना 
 मुझे जब भी उठाना भगवान, स्वर्ग में ले जाना

मदन मोहन बाहेती घोटू 
करवा चौथ 

देखो प्यार की रीत निराली 
आई करवा चौथ है प्यारी 
यह है उत्सव अमर सुहाग का 
पति पत्नी के अनुराग का 

मेहंदी हाथों में रचाई 
नई चूड़ियां खनकाई 
पहने गोटे की चुनरिया 
गोरी फिर से बनी दुल्हनिया
किए पूरे सोलह सिंगार रे 
आज साजन लुटाएंगे प्यार रे

आई करवा चौथ है प्यारी
देखो प्रीत की रीत निराली 
यह है उत्सव अमर सुहाग का 
पति पत्नी के अनुराग का 

व्रत कर कुछ ना पिया खाया 
चंदा सा मुखड़ा मुरझाया 
चलनी से कर चंदा दरशन 
रात करवा पिलाएंगे साजन 
फिर लेगी थोड़ा सा आहार रे 
आज साजन लुटाएंगे प्यार रे

देखो प्यार की रीत निराली
आई करवा चौथ है प्यारी 
यह है उत्सव अमर सुहाग का 
पति पत्नी के अनुराग का

मदन मोहन बाहेती घोटू 
करवा चौथ 

देखो आई करवा चौथ,प्यार का पूजन रे 
गौरी व्रत रखे ,जिए सौ साल हमारे साजन रे 

गोरे गोरे हाथों में मेहंदी रचा के 
गोरे गोरे तन पर चुनर लहराके 
हाथों में खनकती चूड़ियां है खनखन होठों पर लाली है आंखों में अंजन 
करेपूरे सोलह श्रृंगार, बने फिर दुल्हन रे 
देखो आई करवा चौथ, प्यार का पूजन रे 
गोरी व्रत रखे ,जिए सौ साल हमारे साजन रे 

पिया हेतु व्रत करे,प्यार दिखलाए 
रहे भूखी दिन भर, कुछ भी न खाए 
रात करे छलनी से चंदा का दरशन 
करवे से अमृत पिलाते हैं साजन 
रहे अमर हजारों साल प्यार का बंधन रे
देखो आई करवा चौथ,प्यार का पूजन रे
 गोरी व्रत रखे ,जिए सौ साल हमारे साजन रे

मदन मोहन बाहेती घोटू 

Thursday, August 24, 2023

रिश्ता चांद से

जिस चांद के प्रतिबिंब को ,
पानी की थाली में ,
बचपन में मैं 
अपने कोमल हाथों से
हिलाया डुलाया करता था 

जिस चांद को बड़े प्यार से
 मैं चंदा मामा कह कर 
 बुलाया करता था
 
जिस चांद की लोरी 
*चंदा मामा दूर के *
*पुए पकाए पूर के *
गा गा कर मां मुझे
दूध की घूंट पिलाती थी 

जिस चांद को देखकर ,
चौथ का व्रत किये,
दिनभर की भूखी मेरी मां ,
खाना खाती थी 

जिस चांद की तुलना
 बेटे से *चांद सा बेटा* कह कर 
 और प्रेमिका से 
* चांद सी महबूबा *कहकर की जाती है 
 
जिस चांद का नाम लेकर 
प्रथम मिलन की रात को 
दुनिया* हनीमून *मनाती है 

जिस तरह अपनी पत्नी के
 कोमल कपोलों पर 
 मेरे थरथराते होठों ने 
 प्यार का पहला चुंबन था चिपकाया
 
आज मेरे देश के वैज्ञानिकों ने
 उसी चांद पर 
 चंद्रयान है उतराया 
 
यह हमारे देश के वैज्ञानिकों की
तकनीकी उत्कृष्टता का सबूत हो गया है 

चांद से हमारा पुराना रिश्ता 
और भी मजबूत हो गया है 

मदन मोहन बाहेती घोटू 

Wednesday, August 23, 2023

वशीकरण मंत्र

अपने नव विवाहित बेटे से पूछा उसकी मां ने 
बेटा ,क्या तेरी बहू जादू टोना है जाने 
पहले तू मेरे आगे पीछे घूमता था 
मेरी हर बात को सुनता था 
अब तुझे बात करने का भी टाइम नहीं मिल पाये हैं 
जब भी मिले, पत्नी के गुण गाये हैं 
तेरी बीवी ने ऐसा क्या जादू किया है 
जो चार दिनों में तुझे काबू किया है 
बेटा बोला ,अम्मा यही सवाल दादी ने पापा से किया था
 मेरा जवाब भी वही है, जो पापा ने दिया था 
 ये बात तो जानी मानी है
 हर घर की यही कहानी है
 वैसे यह वशीकरण मंत्र तू भी जाने हैं 
 तभी तो पापा तेरी हर बात माने हैं

मदन मोहन बाहेती घोटू 

Monday, August 21, 2023

जिंदगी की हकीकत

ढूंढ रहे क्यों दोष पराये , झांको अपने मन अंदर 
दुनिया भर की सारी कमियां, साफ आएंगे तुम्हें नज़र 
जिंदगी की हकीकत यही है 

देख पराई चिकनी चुपड़ी, मत मलाल मन में लाना 
तुम्हें पता है, तुमको घर की, रोटी दाल ही है खाना 
जिंदगी की हकीकत यही है 

कितनी पीड़ा सह सह तुमने, ये जो बच्चे पाले हैं 
बड़े हुए ,जब पंख लगेंगे ,सब उड़ जाने वाले हैं 
जिंदगी की हकीकत यही है 

तुमने खटकर,जोड़ तोड़कर, यह जो दौलत जोड़ी है 
साथ नहीं कुछ भी जानी है, यहीं पर जानी छोड़ी है 
जिंदगी की हकीकत यही है 

आज आज्ञाकारी बनते , काम नहीं कल आएंगे 
उंगली पकड़ सिखाया जिनको ,उंगली तुम्हें दिखाएंगे 
जिंदगी की हकीकत यही है 

जिनको तुम अपना कहते हो ,भूल जाएंगे सभी जने 
उनकी दीवारों पर कुछ दिन ,लटकोगे तस्वीर बने 
जिंदगी की हकीकत यही है 

अपने और पराये का तुम, मन में पालो नहीं भरम 
इसीलिए सत्कर्म करो तुम, साथ जाएंगे सिर्फ करम 
जिंदगी की हकीकत यही है

मदन मोहन बाहेती घोटू