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Sunday, September 17, 2023
बोलो श्याम श्याम श्याम
मेरे मन के अंदर श्याम
मेरे तन के अन्दर श्याम
मेरे रोम रोम में श्याम
जपता हूं मैं सुबह शाम
बोलो श्याम श्याम श्याम
बाबा नंद जी के दुलारे
मैया जसमत के तुम प्यारे
कभी गोकुल गांव के ग्वाले
वन में धेनु चराने वाले
बालक रूप धरे भगवान
बोलो श्याम श्याम श्याम
कभी माखन हो चुराते
कभी गोपी को सताते
कभी बांसुरी हो बजाते
जमुना तट पर रास रचाते
ऐसे प्यारे तुम घनश्याम
बोलो श्याम श्याम श्याम
तुम हो बांके बहुत बिहारी
तुम बनवारी,किशन मुरारी
कभी हो मोर मुकुट के धारी
सोलह कला के अवतारी
कैसी सुंदर छवि अविराम
बोलो श्याम श्याम श्याम
जय जय कृपासिंधु सब लायक
सुमिरन तुम्हारा सुखदायक
तुम हो महाभारत के नायक
जय जय गीता ज्ञान के गायक
जाकर बसे द्वारका धाम
बोलो श्याम श्याम श्याम
जय जय चक्र सुदर्शन धारी
मन में बसी है छवि तुम्हारी
कितनी सुन्दर कितनी प्यारी
दर्शन दे दो ओ गिरधारी
तुमको कोटि कोटि प्रणाम
बोलो श्याम श्याम श्याम
मदन मोहन बाहेती घोटू
Wednesday, September 13, 2023
बोल्ड ब्यूटी तीन चौके
एक
नजर तिरछी डाल हम पर, हमको बोअर कर दिया
जो खुला था ,बंद उनने ,दिल का डोअर कर दिया
टेढ़े मेढ़े दांत दिखला, मुस्कुराए इस तरह,
टेस्ट मुंह का था जो मीठा, वह भी सोअर
कर दिया
दो
था बदन फुटबॉल सा हम देख आउट हो गए
बोल्ड ब्यूटी देख , बोअर, बिना डाउट हो गए
एचकतानी आंख थी और कान ऐसे लटकते ,
भिगोने से चाय में जैसे कि बिस्किट हो गए
तीन
नाक थी उनकी निराली,नल की टोटी की तरह
फेस था उनका जड़ाऊ ,जली रोटी की तरह
चलते थे तो झूलती थी ,हाय उनकी चोटियां ,
सूखती जैसे हवा में ,हो लंगोटी की तरह
मदन मोहन बाहेती घोटू