Wednesday, February 15, 2012

ब्रह्मा विष्णु महेश

ब्रह्मा विष्णु महेश
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भारत की सीमा पर,
तीन तरफ समंदर,
और एक तरफ पहाड़ है
और  हमारे त्रिदेव ,
ब्रह्मा,विष्णु महेश पर,
इसकी सुरक्षा का भार है
उत्तर में कैलाश पर्वत पर,
बिराजे है शिव शंकर,
चीन की सभी गतिविधियों पर,
रखे हुए है नज़र
और सुरक्षा समंदर की,
कर रहे है  विष्णु भगवान
उन्होंने तो समंदर के अन्दर ही,
बना लिया है रहने का स्थान
शेषनाग की शैया पर विराजते है
और भारत की,तीन तरफ की ,
सुरक्षा को, वो ही सँभालते है
यहाँ तक कि उनकी पत्नी लक्ष्मी जी,
भारत के आर्थिक विकास में है लगी
और तीसरे देव ब्रह्मा जी,
कमल नाल पर बैठे हुए,
अपने चारों मुखों से,
देश कि आतंरिक सुरक्षा पर,
पूरी नज़र रखें है
और सरस्वती के साथ,
देश कि बौद्धिक और सांस्कृतिक,
विरासत कि सुरक्षा में लगे  है
इन तीनो देवताओं का वरदान,
और आशीर्वाद हम पर है
इसीलिए तो आज  भारत ,
प्रगति के पथ पर है

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

जय शिव शंकर

जय शिव शंकर
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हम गीत शांति के गाते है
अपने मन को समझाते है
पूजा करते शंकर जी की,
जो संहारक  कहलाते है
निश्चित ही शंकर बाबा,वैज्ञानिक एक रहे होंगे
करने प्रयोग ,एकांत जगह,पर्वत कैलाश गये होंगे
थे धुनी जीव,जग कहता है,वे धूनी रमाते थे  बाबा
मस्तानी तबियत के थे तो,गंजा,भंग खाते थे  बाबा
करके प्रयोग,निश्चित कोई,बम उनने  बना लिया होगा
प्रलयंकारी नेत्र तीसरा शायद बम का स्विच   होगा
वो बम वाले शंकर अब भी तो बम भोले   कहलाते है
हम गीत शांति के गाते है
देखो ये कैसी बातें है

मदन मोहन बाहेती 'घोटू'

खुशियों के क्षण

खुशियों के क्षण
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नौ महीने तक रखा संग में ,पिया,खाया
जिसकी लातें खा खा कर के,मन मुस्काया
माँ जीवन में,खुशियों का पल ,सबसे अच्छा
रोता पहली बार,जनम लेकर जब  बच्चा
एक बार ही आता है  ये पल जीवन में
जब बच्चा रोता और माँ खुश होती मन में

मदन मोहन बहेती'घोटू'