Thursday, April 14, 2022

प्रतीक्षा 

प्रतीक्षा तुम करो पर वो समय के साथ ना पहुंचे

जहां पर आ रही खुजली, वहां तक हाथ ना पहुंचे

इधर के कान से सुनकर ,दूसरे से करे बाहर,

फायदा क्या कुछ कहने का ,जो उन तक बात ना पहुंचे

घोटू 
डॉगी 

हमको हर एक बात पर वो टोकने लगे 

हल्की सी भी आहट हुई तो चौकने लगे 

हमने जो उनके डॉगी को कुत्ता क्या कह दिया,

 कुत्ता तो चुप रहा मगर वो भौंकने लगे

घोटू 
बिलैया 

कहते हैं कि ये शेर की मौसी है बिलैया 

कितने ही चूहे खाने की दोषी है बिलैया 

नौ सौ से अधिक चूहों को जब कर लिया  हज़म,

 करने के लिए हज को अब पहुंची है बिलैया

घोटू