Saturday, April 7, 2012

थकान-करे बेकाम

थकान-करे बेकाम

एक भाभीजी थी काफी उदास

उनकी शिकायत थी,कि जब उनके पति,
जब  घर आते है,
दिन भर ऑफिस में काम करने के बाद
तो शाम को किसी भी काम के नहीं रह जाते है
न बाज़ार से सब्जी लाते है
न होटल में खिलाते है
बस थके हारे,खर्राटे भरते हुए सो जाते है
अब उन्हें ये कौन बताये,
वो ओफिस मे क्या क्या गुल खिलाते है
और शाम तक होती क्यों,ऐसी हालत है
क्योंकि उनकी सेक्रेटरी के पति को भो,
अपनी पत्नी से ,ये ही शिकायत है

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

 

जस्य नारी पूज्यन्ते----

जस्य नारी पूज्यन्ते----

कहते है, भारत में,

छप्पन करोड़ देवता पूजे जाते  है
जिधर देखो उधर ,
देवता ही देवता नज़र आते है
इसका कारण है,
नारी की पूजा होती है सदा
और संस्कृत का श्लोक है,
'जस्य नारी पूज्यन्ते,रमन्ति तत्र देवता'
यहाँ नारी को देवी कहा जाता है
और नारी का देवी रूप
,देवताओं को सुहाता  है
हमारे देश में नारी का कितना आदर है,
इसी बात से  जाना जा सकता है
कि सभी अवतारों को,
साल में एक दिन,
जैसे राम को रामनवमी को,
कृष्ण को,जन्माष्ठमी को,
पूजा जाता है
पर देवी को वर्ष में दो बार,
और वो भी नो नो दिनों के लिए,
नवरात्र में पूजा जाता है

मदन मोहन बाहेती 'घोटू'