Thursday, June 20, 2013

भेदभाव

        
         भेदभाव 
किसी भी वृक्ष में ,
जब फल लगते है ,
सभी का लगभग एक सा आकार ,
और एक सा स्वाद होता है
कोई पौधा ,
जब पुष्पित होता है,
तो सभी पुष्पों का समान रूप ,
और एक  सी महक होती है
ये सभी वृक्ष और पौधे तूने ही बनाए है
और इंसान को भी तूने ही बनाया है 
तो फिर क्यों ,
तेरे ही बनाये मानव की संताने ,
अलग अलग लिंग,
अलग अलग रूप रंग ,
और अलग अलग स्वभाव लिए होती है ?
भाई भाई या बहन भाई के स्वभाव में ,
इतनी भिन्नता क्यों होती है ?
भगवान ने  इंसान के साथ ,
यह भेदभाव क्यों किया है?

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

उत्तराखंड की त्रासदी पर

    
     उत्तराखंड  की त्रासदी पर

हे महादेव!
ये तो हम सब जानते हैं ,
कि आप संहार के देवता है
लेकिन हे केदार !
आप तो हैं बड़े उदार ,
आप तो भोलेनाथ भी कहाते है
अपने भक्तों को ,
दुःख और पीड़ा से बचाते है
तो फिर क्यों,
श्रद्धा से आपको सर नमाने ,
आये हुए भक्तों की भीड़ पर ,
मौत का तांडव दिखा दिया
आप इतने स्वार्थी कब से हो गये ,
कि कितनो का ही घर उजाड़ दिया ,
और अपना घर बचा लिया

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

सबके कैसे कैसे वाहन

    
         सबके कैसे कैसे  वाहन
श्री गणेश बैठे चूहे पर,कार्तिकेय मोर पर उड़ते 
शंकर जी बैठें नंदी पर,और विष्णु जी उड़े गरुड पे 
सूर्य देवता सात अश्व के,रथ पर चढ़ है घूमा करते 
और यमराज चढ़े भैसे पर,आता देख सभी है डरते 
गदहा शीतल माँ का वाहन ,शनि देव का वाहन हाथी 
इंद्र देवता एरावत पर,ख़ुद उड़ते है हनुमान जी
दुर्गा करती सिंह सवारी ,उल्लू है लक्ष्मी का वाहन 
सरस्वती जी  हंसवाहिनी ,सबके कैसे कैसे वाहन 
घोटू