Wednesday, August 13, 2014

स्वतंत्रता दिवस बनाम परतंत्रता दिवस

     स्वतंत्रता दिवस  बनाम परतंत्रता दिवस

एक स्वतंत्रता का दिन था, जब हमें मिली थी आजादी 
और एक परतंत्र दिवस था, हुई  हमारी जब   शादी
एक वो दिन था ,हम छूटे थे , अंग्रेजों के चंगुल से
एक ये दिन था ,जब कि फंसे थे,हम बीबी के चंगुल में 
एक वो दिन था ,जब अंग्रेजों ने भारत को छोड़ा था
एक ये दिन था बीबीजी ने ,जब माँ का घर छोड़ा था
एक वो दिन था ,जबकि देश को ,थी अपनी सरकार मिली
एक ये दिन जब शासन करने ,बीबी की सरकार मिली
एक आजादी को पाने को ,कितने लोग शहीद  हुए
एक ये दिन था,शौहर बन कर ,हम कुर्बान,शहीद हुए
एक दिन लालकिले पर झंडा ,फहराता ,लड्डू  बंटते
पार्टी देकर,केक काट कर ,एक दिन हम खुद है कटते

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

 

लाल किले से चाय पिलाता

             लाल किले से चाय पिलाता

भारत की अनमोल धरोहर ,चमक रहा है लाल किला ये ,
कड़क, गुलाबी ,गरम चाय सा ,आज दिखाता  है हमको
दौड़ दौड़ ,बचपन में  जिसने ,चाय पिलाई थी सब  को,
लाल किले से वो ही मोदी ,आस दिलाता है हमको
भ्रष्टाचार विहीन व्यवस्था ,के उज्जवल ,धोये कप में,
प्रगतिशील,सुखमय जीवन की ,चाय पिलाता है हमको
 स्वप्न गुलाबी ,चाय सरीखे ,अच्छे दिन की आशा में,
घूँट  घूँट  चुस्की  ले  पीना  ,सदा सुहाता है हमको  

घोटू