Thursday, September 12, 2013

अखिंया ,चंचल शोख बड़ी

              घोटू के पद
अखिंया ,चंचल शोख बड़ी
बेसुध,बेकल दीवानी है,साजन संग लड़ी
देखा करती पिया मिलन के ,सपने घडी घडी
कभी हवा का झोंका बन कर ,आँचल को लहराती
तितली सी जाती उड़ उड़ कर ,आसपास मंडराती
कभी भ्रमर सी गुंजन करती ,चुम्बन कर रस पीती
मधु मख्खी सी,मधु संचित कर ,मिलन आस में जीती
घर और द्वारे,राह निहारे .पिय  की  खड़ी खड़ी
देखा करती ,मधुर  मिलन के,सपने घड़ी घड़ी
अँखियाँ ,चंचल ,शोख  बड़ी

घोटू 

क्रीम ही क्रीम

    क्रीम ही क्रीम

आजकल जिधर देखो ,उधर ही क्रीम है
क्रीम सबसे बढ़ कर सुप्रीम है
दूध को तेजी से मथने पर ,
एक लेयर ऊपर आती है
जो बजन में हल्की होती है ,
क्रीम कहलाती है
हमारे देश में भी एक लेयर ,
जो रहती है सबसे ऊपर ,
क्रीमीलेयर  कहलाती है
उसकी मानसिकता भी अक्सर ,
हल्की ही पायी जाती है
मिनिस्टरी में कुछ क्रीमी पोर्टफोलियो होते है
ऑफिस में कुछ क्रीमी पोस्टिंग होती है
जहाँ पर क्रीम ही क्रीम है और मिलते मोती है
आजकल क्रीम खूब  लगाई भी जाती है
 और चाव से  खायी भी जाती है
इस श्रेणी में ,फ्रूट क्रीम है ,आइसक्रीम है
केक हो या पेस्ट्री ,क्रीम ही क्रीम है
क्रीम खाने का स्वाद बढ़ा  देती है
काली दाल को ,माखनी दाल बना देती है
क्रीम,पूरा करती है आपकी सुन्दरता का ड्रीम
बस चेहरे पर लगालो ,व्हाइटनिग  क्रीम
बालों को रंगने के लिए क्रीम है ,
तो ब्लीच करने के लिए भी क्रीम
बालों को सजाने को बिलक्रीम है ,
तो हटाने को हेयर रिमूविंग क्रीम 
क्रीम काले रंग को गोरा बना देता है
गालों पर गुलाबी रंगत ला देता  है
 आपके होंठों पर मुलामियत लाता है
आपके रूप को कमल सा खिलाता है
सीने के उभार के लिए क्रीम है
देर तक प्यार के लिए क्रीम है
आपको मोटापा बढ़ाना है,क्रीम खाइए
आपको मोटापा घटाना है ,क्रीम लगाइए
विवाई फटे तो क्रीम
चोंट लगे तो क्रीम
सर या बदन में दर्द हो तो क्रीम
मौसम ज्यादा सर्द हो  तो क्रीम
शेविंग करने के लिए ,शेविंग क्रीम
दांतों की सफाई के लिए ,डेंटल क्रीम
एंटी रिंकल क्रीम लगा कर ,चेहरे की झुर्री हटाइए
ताजगी और सुन्दरता के लिए,
ब्यूटीक्रीम मिले हुए साबुन से नहाइए
तन के दागों को मिटाने के 'नो मार्क 'क्रीम आता है
चेहरे पर मोती सी चमक या स्वर्णिम आभा के लिए ,
भी स्पेशियल क्रीम लगाया जाता है
कहीं क्रीम में नीम है ,कहीं हर्बल क्रीम है
कहीं बोरोप्लस है,कहीं बोरोलीन है
हर जगह,हर जरुरत के लिए ,क्रीम ही क्रीम है

मदन मोहन बाहेती'घोटू'



 

सत्संगी दोहे

    सत्संगी दोहे
           १ 
स्वर्णपात्र में उबाला ,आओ पीयो दुग्ध
फिर हमतुम सत्संग करें,तनमन दोनों शुद्ध
               २
खाकर गोंद पलाश का,आता ऐसा  जोश
लगे दहाड़े मारने ,शेर बने  खरगोश
                ३
लाज शरम सब छोड़ दो ,अब इसका क्या काम
तुम कोमल खिलती कली ,मै हूँ  आसाराम

घोटू 

दिनचर्या - बुढ़ापे की

    दिनचर्या - बुढ़ापे की

रात बिस्तर पर पड़े ,जागे सुबह,
                      सिलसिला अब ये रोजाना हो गया है
आती है,आ आ के जाती है  चली ,
                       नींद का यूं  आना  जाना  हो गया  है
     हो गए कुछ इस  तरह हालात है
                            मुश्किलों से कटा करती रात  है
 देखते ही रहते ,टाइम क्या हुआ ,   
                             चैन से सोये  ज़माना हो गया है   
आती ही रहती पुरानी याद है,
                               कभी खांसी तो कभी पेशाब है ,
कभी इस करवट तो उस करवट कभी,
                                 रात भर यूं तडफडाना हो गया है
सुबह उठ कर चहलकदमी कुछ करी ,
                                 फिर लिया अखबार ,ख़बरें सब पढ़ी ,
बैठे ,लेटे , टी .वी देखा बस यूं ही,
                                 अब तो मुश्किल ,दिन बिताना हो गया है

मदन मोहन बाहेती'घोटू '