Friday, August 19, 2011

,बहनजी -प्रतिक्रिया

अगर बस में कोई लड़का,पास आ बैठे तुम्हारे
बात को आगे बढ़ाने,बहनजी कह कर पुकारे
इस पर तुम्हारी प्रतिक्रिया कैसी होगी?
मेडम जी क्या बतलाओगी ?
    प्रतिक्रिया -1
    ---------------
अजीब बेवकूफ आदमी है,
ना सोचता है,न विचारता है
मुझ जैसी हसीं लड़की को,
बहन जी पुकारता है
       २
मुझे बहनजी कहना मंहगा पड़  जाएगा
 जब टिकिट के लिए कंडक्टर आएगा
उसे पता लग जाएगा,कितनी स्मार्ट है बहना
जब मै कहूँगी भाई साहेब,
टिकिट के पैसे आप दे देना
         ३
बड़ा पागल लगता है
जो हर लड़की को बहन समझता है
           4
पूछूंगी भैया,जरा अपने घर का पता बताना
मुझे राखी बांधने तुम्हारे घर है आना
            ५
ए मिस्टर,क्या पड़ेगा तुमको बताना
लड़की पटाने का ये तरीका है पुराना
             ६
भरी बस में वो मुझे बहनजी कह कर पुकार गया
हाय राम,मेरा सारा सजना धजना बेकार गया
              ७
लल्लू,मुझे बहन जी मत समझना
बहनजी होगी  तेरी अम्मा
                ८
मै स्मार्ट और मॉडर्न लड़की हूँ
क्या मै तुम्हे बहनजी टाईप लगती हूँ?
                ९
बिलकुल बुद्धू है,बहनजी पुकारता है
क्या आजकल एसे भी कोई लाइन मारता है?
               १०
अगर सब लड़कियों को बहनजी बतलायेगा
तो फिर अपनी बीबी किसे बनाएगा?

(अभी तक उपरोक्त प्रतिक्रियाये ही मिली है

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मदन मोहन बाहेती 'घोटू'

एक नजरिया यह भी

एक नजरिया यह भी
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जब से प्रधानमंत्री पद के लिए,राहुल गाँधी का नाम आया है
कुछ बढ़ बोले कोंग्रेसी नेताओं का मन कसमसाया है
कल का छोकरा प्रधान मंत्री बन जाएगा
हमारा सारा किया धरा मिटटी में मिल जाएगा
पी.एम की कुर्सी पर कब से गढ़ाए थे नज़र
पर अब लगता है,सपने जायेंगे बिखर
तभी से उल जलूल हरकतें करने लगे है
जिसके दंश अब कोंग्रेस को भी चुभने लगे है
करने लगे है बयानबाजी बेवकूफी भरी
जिससे रोज रोज होती है कोंग्रेस की किरकिरी
बहुत ही हो रही है इसकी छीछालेदर
क्या ये सब हो रहा है जान बूझ कर
अपने ही अपनों पर भीतरी घात कर रहे है
मदम जी,क्या आप ये सब समझ रहे है?

मदन मोहन बाहेती 'घोटू'

बडबोला

बडबोला
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बड़े मुंह से बड़ी बातें,चेहरा था तमतमाया
कुटिल सब बल लगा कर भी,झुका अन्ना को न पाया
सत्य आग्रह टूट जाए,जोर था पूरा लगाया
देख जनता का समर्थन,वो बिचारा बौखलाया
बड़ा बढ़ बोला बहुत है,हम सभी ये जानते है
कौन सत्ता का मुखौटा है सभी पहचानते है

मदन मोहन बहेती 'घोटू'

विदेशी हाथ

       विदेशी हाथ
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देश में होने वाली हर गड़बड़ी का,
ठीकरा ,विदेशों के माथे फोड़ने वाले,
एक नेता से हमने पूछा,
आपकी पत्नी का पेट फूल रहा है,
क्या बात है?
उनने बिना सोचे समझे,
अपने चिरपरिचत अंदाज में कहा,
इसमें भी विदेशी हाथ है

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

हम को अब बदलाव चाहिए

हमको अब बदलाव चाहिए
काबिल और इमानदारों का,
करना हमें चुनाव चाहिए
लूटपाट के इस गिरोह का,
अब होना बिखराव चाहिए
रिश्वतखोरी और करप्शन,
में अब बस ठहराव चाहिए
भारत धन का स्विस बेंकों में,
होना बंद रिसाव चाहिए
नेताओं में देशप्रेम का,
जज्बा और लगाव चाहिए
मंहगाई की धूप प्रबल है,
हमको ठंडी छाँव चाहिए
आता,तेल,दाल,चांवल के,
होना सस्ते भाव चाहिए
दीन ,दलित,दुखिया जनता को ,
राहत के प्रस्ताव चाहिए
मिलजुल हल हो सभी समस्या,
अब ना ये टकराव चाहिए
हम को अब बदलाव चाहिए

मदन मोहन बहेती'घोटू'

क्रांति बीज

      क्रांति बीज
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मुझे अपने पोते को देना था  उपहार
और कुछ खरीदने के लिए,गया मै बाज़ार
दुकानदार से पूछा,बच्चों के लिए कोई उपहार दिखलाइये
दुकानदार बोला कोई पुस्तक ले जाइये
क्योंकि पुस्तक ज्ञान का भण्डार होती है
सबसे अच्छा उपहार होती है
या फिर कोई खिलौना जैसे उड़ने वाला हेलिकोफ्टर
या रोबोट जो चलता है अपने पैरों पर
या फिर आप ले लीजिये चोकलेट
सभी बच्चों को अच्छी लगती है ये भेंट
तभी कुछ एसा दिखा,जिसे मैंने खरीद लिया,
बिना कुछ ज्यादा सोचे बिचारे
वह था एक तिरंगा झंडा,
और एक सफ़ेद टोपी,
जिस पर लिखा था 'मी हजारे'
मेरा उपहार पाकर मेरा पोता अति प्रसन्न है
और घर में गूँज रहा,
जय हिंद और वन्देमातरम् है

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

Thursday, August 18, 2011

अन्ना हजारे

अन्ना हजारे
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       १
शांति दूत है,ये सपूत है,भारत माँ का बेटा अन्ना
राज घाट पर,हरी घांस पर,देव दूत सा बैठा अन्ना
            इतना साथ दिया जनता ने
            घुटने टेक दिए सत्ता  ने
भ्रष्टाचार मिटाने को अब,सत्याग्रह पर बैठा अन्ना
           2
अग्नि में इतनी शीतलता,पहले कभी नहीं देखी थी
एक चेतन में इतनी दृढ़ता,पहले  कभी नहीं देखी थी
उजले कपडे वालों की,कितनी काली करतूतें देखी,
श्वेत वसन में ये निर्मलता,पहले कभी नहीं देखी थी
मौन,शांत,गंभीर,अडिग और जो हरदम रहता चोकन्ना
है व्यक्तित्व करिश्माई जो, हम उसको कहते है अन्ना

मदन मोहन बहेती'घोटू'